चमोली के रैणी गांव के पास खतरनाक भूस्खलन, SDRF ने किया 200 लोगों का रेस्क्यू

उत्तराखंड में बारिश का का कहर जारी है। पहाड़ों से लगातार भूस्खलन की खबरे सामने आ रही है। चंपावत के बाद अब चमोली जिले में भूस्खलन के बाद हड़कंप मच गया। यहां  रैणी गांव के पास भूस्खलन के चलते गांव में करीब 200 लोग फंस गए थे। ग्रामीणों ने प्रशासन को भूस्खलन की सूचना दी। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। जिसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह तक सभी 200 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि चमोली जिले में सोमवार को भूस्खलन के बाद गांव में फंसे 200 लोगों SDRF व NDRF की रेस्क्यू टीमों ने रोप की सहायता से अत्यधिक विषम परिस्थितियों में सकुशल रेस्क्यू किया है। बताया जा रहा है सभी ग्रामीण रैणी गांव के पास तामस इलाके के निवासी थे। प्रशासन को जैसे ही इसकी सूचना मिली बचाव टीम का दस्ता मौके पर पहुंच गया। तुरंत लोगों को सहायता पहुंचाई गई। कई घंटों के ऑपरेशन के साथ अब रैणी गांव के पास तामस इलाके में फंसे सभी 200 लोगों को बचा लिया गया है। जिससे ग्रामीणों में खुशी है। मौत के मुंह से रेस्क्यू कर जवानों ने ग्रामीणों को बचा लिया है।

वहीं एक अन्य भूस्खलन से जोशीमठ-मलारी हाईवे पर दस दिन से बंद होने के कारण फंसे 280 व्यक्तियों की भी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर दी गई है। एसडीआरएफ बीआरओ ने भूस्खलन जोन के नीचे धौलीगंगा किनारे 1500 मीटर पगडंडी के सहारे 250 फंसे व्यक्तियों को पार कराया। इसके अलावा लाता और मलारी में हेली रेस्क्यू के जरिए 30 अन्य नागरिकों को उनके गंतव्य तक छोड़ा गया।

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