पहाड़ कि बेटी मंजू भंडारी के पिता की जब हुई मौ’त ,तो खुद संभाला स्टेरिंग और परिवार….

इस बात को तो आप सभी व्यक्ति मानते होंगे कि किसी भी इंसान के जीवन में जब कभी भी कठिनाइयों का दौर आता है तो वह कभी सोच समझकर नहीं आता यहां लम्हे के बारे में तो केवल वह इंसान अच्छे ढंग से बता सकता है जिस पर यह बात सब दिखती हो आज हम आप सभी लोगों को पहाड़ कि बेटी मंजू भंडारी के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने कच्ची उम्र में ही अपने पिता को खो दिया लेकिन उन्होंने अपने जीवन में कभी हार नहीं मानी और पिता की मौत के बाद खुद ही स्टेरिंग थांबा और पूरे परिवार को संभाला साथ ही साथ पूरे परिवार का पालन पोषण किया और आज इस काबिल बनाया कि वह सर उठा के समाज में जी रहे हैं।

मंजू का अपने पिता को छोटी ही उम्र में खो देने के बाद तीन बहनों और एक भाई के साथ अपनी मां लक्ष्मी देवी की भी जिम्मेदारी है। जिसे निभाने से वह पीछे नहीं हटी और डटी रही। जहां पूरी हिम्मत और होंसले के साथ उन्होंने पहले पिता की दुकान संभालना शुरू किया। फिर मां के साथ खेती का काम करते हुए गांव में मजदूरी भी की। इतनी मेहनत के साथ जोड़ी गई जमा पूंजी से 2014 में मंजू ने एक अल्टो कार खरीद डाली और फिर उसे चलाने के लिए कामर्शियल लाइसेंस भी बनवा लिया। आज मंजू टैक्सी के लेडी ड्राइवर के रूप में गाड़ी चलाकर अपने परिवार का गुजर बसर कर रही हैं। जब धीरे-धीरे आमदनी बढ़ने लगी तो मंजू ने अपनी जमा पूंजी से अपने छोटे भाई के लिए भी एक पिकअप वाहन खरीद लिया है, जिससे वह भी अपनी आजीविका चला रहा है।

मंजू भंडारी बताती हैं कि मेहनत के दिनों को पार करने के बाद आज वह दोनों ही वाहन चलाकर अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं। बता दें कि वह अपनी तीनों बहनों और भाई की शादी भी कर चुकी है। मगर परिवार को संभालने के लिए मंजू ने आज भी खुद शादी नहीं की।

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