उत्तराखंड के खाली हो रहे पहाड़ों में फिर से रौनक लाने के लिए शुरू करी जा रही है “होम स्टे योजना”………..

उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है पलायन और अभी तक जितनी भी सरकारें बनी है वहां इस समस्या का निवारण नहीं निकाल पाई है और यह समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है अगर इसी प्रकार से समस्या का समापन नहीं किया जा सका तो आने वाले समय में उत्तराखंड को सबसे बड़ी समस्या का सामना यही करना पड़ेगा कि पूरे पाठ खाली हो जाएंगे और वहां की जनता शहरों में आ जाएगी जिससे कि अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ेगा और सरकार को अनेकों प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा लेकिन इसी बीच बीजेपी की सरकार ने कुछ ऐसी योजनाओं का शुभारंभ किया है जिसके चलते कुछ आस वापिस से जागी है कि शायद कुछ हो सकता है।

बता दें कि जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि इस योजना के लिए नैनीताल जिले के करीब 24 गांवों को चिह्नित किया गया हैं। इन 24 गांवों में से किसी गांव की पौराणिक व रोचक कहानियां हैं, तो कुछ बेहद अच्छी लोकेशंस पर स्थित हैं। जिस वजह से यह योजना फिल्म निर्माण के लिए भी पूर्ण रूप से सही साबित हो सकती है। जिससे लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। जिसके बाद पहाड़ के घरों में लटकते ताले और साथ ही गांव में दूर दूर तक फैला सन्नाटा देखने को नहीं मिलेगा। वहीं, पर्यटन विभाग ऐसे गांवों को स्थानीय लोगों के साथ ही निवेशकों की मदद से विकसित करेगा।

आपको बताते चलते हैं कि उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग को यह विचार कैसे आया। उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग को यह विचार इटली में इस तरह की पहल को देखकर आया है। यहां, कई साल से खाली हो चुके गांवों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। जहां हर साल दुनियाभर से बड़ी तादाद में पर्यटक घूमने के लिए जाते हैं।

+